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कà¥à¤¯à¤¾ होती है बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, जिससे राजू शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ जूठरहे हैं
Brain Dead: कोमेडियन राजू शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ मौत से जंग लड़ रहे हैं. अफवाह थी कि राजू शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड हो चà¥à¤•े हैं, लेकिन अब कहा जा रहा है कि सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¥à¤§à¤¾à¤° आ रहा है. जानिठकà¥à¤¯à¤¾ होता है बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड.
मशहूर कोमेडियन राजू शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अà¤à¥€ à¤à¥€ नाजà¥à¤• बनी हà¥à¤ˆ है. राजू शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ आईसीयू में है कहा जा रहा है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लाइफ सपोरà¥à¤Ÿ सिसà¥à¤Ÿà¤® पर रखा गया है. राजू शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ को लेकर ये अफवाह आई थी कि वो बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड हो चà¥à¤•े हैं. à¤à¤¸à¥‡ में बहà¥à¤¤ सारे लोग इसे कोमा की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ समठरहे हैं, दरअसल कोमा और बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड में काफी अंतर है. बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दिमाग काम करना बंद कर देता है. जानिठकà¥à¤¯à¤¾ होती है बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿.कà¥à¤¯à¤¾ है बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿?
बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड वह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है, जिसमें दिमाग डेड यानि काम करना बंद कर देता है. इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दिमाग में किसी तरह की कोई à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं होती है. बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड होने पर शरीर का मूवमेंट, सांस लेना, आंखों की पà¥à¤¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का रेसà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¸ à¤à¥€ बंद हो जाता है. इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सिरà¥à¤« बà¥à¤°à¥‡à¤¨ काम नहीं करता बाकी सारे अंग हारà¥à¤Ÿ, लिवर, किडनी ठीक काम करते हैं. à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शरीर जिंदा तो रहता है, लेकिन चेतना जीवित नहीं रहती है. इस कंडीशन में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को किसी à¤à¥€ दरà¥à¤¦ का अहसास तक नहीं होता है.
बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड में दिमाग का कौन सा हिसà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है?
बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड होने पर पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤® डेड हो जाते हैं. बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤® डेड होने पर पीड़िता का रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ फंकà¥à¤¶à¤¨ पर कंटà¥à¤°à¥‹à¤² नहीं रहता है. ये बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤®, मिड बà¥à¤°à¥‡à¤¨ यानी दिमाग के बीच का हिसà¥à¤¸à¤¾ होता है. यहां से हमारे सà¤à¥€ अंगो को संकेत मिलते हैं. यहां से सारी शारीरिक कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का संचालन होता है जैसे बोलना, पलकें à¤à¤ªà¤•ाना, चलना, हाव-à¤à¤¾à¤µ बदलना. इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मरीज को कितनी à¤à¥€ शारीरिक तकलीफ दे दो वो कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं देता है.
कितने दिन जिंदा रहते हैं बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड मरीज
बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड मरीज सांस à¤à¥€ नहीं ले पाता है. à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मरीज को वेंटिलेटर पर ही रखा जाता है. इससे उसकी सांसें वेंटिलेटर से चलती रहती हैं. हालांकि शरीर के दूसरे अंग जैसे हारà¥à¤Ÿ, किडनी और लिवर सà¤à¥€ ठीक काम रहे होते हैं, लेकिन शरीर में कोई मूवमेंट नहीं होता है. डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ का कहना है कि à¤à¤¸à¥‡ लोगों कितने दिन जीवित रह सकते हैं ये उनके बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड होने के कारण पर निरà¥à¤à¤° करता है. हालांकि इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पहà¥à¤‚चने वाले मरीज बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिनों तक जीवित नहीं रह पाते हैं.
कà¥à¤¯à¤¾ हैं रिकवरी के चांस?
नà¥à¤¯à¥‚रॉलजिसà¥à¤Ÿ का कहना है कि अगर किसी दवा, पॉइजन, सांप के काटने या कोई बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ और मानसिक बीमारी से बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड हà¥à¤† है तो रिकवरी के चांस अधिक रहते हैं, लेकिन अगर सिर में कोई गंà¤à¥€à¤° चोट लगी है, रोड à¤à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट से बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डैमेज हà¥à¤† है, सीवियर बà¥à¤°à¥‡à¤¨ हेमरेज हà¥à¤† है या सिर में बहà¥à¤¤ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो गई है, तो à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¤ में रिकवरी के चांस ना के बराबर होते हैं.
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